हवा का अहसास ही अलग होता है,
न जाने क्यों हर समय अलग होता है.
कभी सुख तो कभी दुःख को लती है,
न जाने क्यों यह समय के साथ बदल जाती है.
हवा का आदमी पर जो यह रंग चढा है ,
जवानी के जोश मैं न जाने क्या भूल गया है.
न याद रहते हैं उसको रिश्ते -नाते ,बड़े -छोटे,
लेकिन हवा उसको यह सब याद दिलाती है.
वक़्त मेरा भे अच्छा आएगा यह मान कर चला चल,
शायद हवा यही अहसास दिलाती है.
भीड़ मैं रुकने से जिंदगी रुक जायेगी,
कुछ और आगे तो निकल देख हवा बदल जायेगी.
न जाने क्यों हर समय अलग होता है.
कभी सुख तो कभी दुःख को लती है,
न जाने क्यों यह समय के साथ बदल जाती है.
हवा का आदमी पर जो यह रंग चढा है ,
जवानी के जोश मैं न जाने क्या भूल गया है.
न याद रहते हैं उसको रिश्ते -नाते ,बड़े -छोटे,
लेकिन हवा उसको यह सब याद दिलाती है.
वक़्त मेरा भे अच्छा आएगा यह मान कर चला चल,
शायद हवा यही अहसास दिलाती है.
भीड़ मैं रुकने से जिंदगी रुक जायेगी,
कुछ और आगे तो निकल देख हवा बदल जायेगी.