आज मेरे शादी का एक साल पूरा हो गया है.आज मन फिर एक साल पीछे चला गया.उन पुरानी यादों के साथ .बहुत को पाने की यादें और जीवन मैं कुछ अहम खो देने की बातें.
मुझे आज बहुत ख़ुशी हुई लेकिन जिनको मैंने हमेशा के लिए खो दिया है उनकी यादों का दर्द भी मेरे साथ है.
मेरे घर से निकल ने के बाद आज ५ साल हो गए है ,लेकिन आज भी कुछ जाने अनजाने चहरे मुझे दिखाई पड़ते है .वो घर के पास से गुजरता हुआ लोगों के भीड़ ,खेलते हुए बच्चे ,इन सब के बीच मैं अपने आप को अकेला पाता हूँ
अपने अकेले पन मैं मुझे बस एक ही सहारा मिलता है वो मेरे माँ का साया होता है.
शायद मैं उससे मिल पाऊँ