Thursday, June 30, 2011

दोस्ती

दोस्ती करने मैं बड़ा समय लगा है यारों,

तुम्हे  अपना बनाने मैं समय लगा यारों,

जिन्दगी यूँ ही  नहीं कटा करती है अकेले कभी,

मौत आने मैं बड़ी देर लगती  है  यारों,









Monday, June 27, 2011

तेरी यादें

तेरी याद  मुझे हर पल बहुत सताती है,

शुरू तो शाम सो होती है मगर सुबह हो जाती है.

तुझे भूलने को तो भूल भी  सकता हूँ  मैं,

लेकिन  तेरी कशिश हर बार रुला जाती है.

वो कहते है बड़ा नूर समा रखा है उसमें,

सामने जाते ही बेनूर हो जाती है.

उसकी रहमत मुझ पर भी कभी तो बरसेगी,

लेकिन  किस्मत तो हर बार दगा दे जाती है.





Wednesday, June 22, 2011

जाने कैसा रूप नया सा

जाने कैसा रूप नया सा,

जीवन मैं एक रंग नया सा,

मिटटी तेरी अलग अलग सी,

जीने का यह ढंग अलग सा,

मुझको छोड़ दिया तुने तो,

अब यह जीवन लगे सहर सा,

मुझको तू एक रंग नया दे ,

जीवन मैं एक नई उमंग दे.,

फिर मैं तेरा हो जाऊँगा ,

तुझमे अपने को पाऊँगा ,

मुझको अपने पास बुला ले,

अब यह जीवन लगे कटिन सा.

Monday, June 20, 2011

EK SAAL

आज मेरे शादी का एक साल पूरा हो गया है.आज मन फिर एक साल पीछे चला गया.उन पुरानी यादों के साथ .बहुत को पाने की यादें और जीवन मैं कुछ अहम खो देने की बातें.
मुझे आज बहुत ख़ुशी हुई लेकिन जिनको मैंने हमेशा के लिए खो दिया है उनकी यादों का दर्द भी मेरे साथ है.
उनकी यादें हमेशा मेरे साथ है.
मैं हमेशा उनकी यादों के साथ जीना चाहता हूँ .

Saturday, June 18, 2011

sunday

आज के दिन सुबह सुबह एक खबर मिली की मुझे घर जाना है.लेकिन पता नहीं यह लोग समझते क्यूँ नहीं की मेरा भी घर पर मुझे याद करने वाले मोजूद है.

मुझे घर जाना ही है.

mere yaaden

मेरे घर से निकल ने के बाद आज ५ साल हो गए है ,लेकिन आज भी कुछ जाने अनजाने चहरे मुझे दिखाई पड़ते है .वो घर के पास से गुजरता हुआ लोगों के भीड़ ,खेलते हुए बच्चे ,इन सब के बीच मैं अपने आप को अकेला पाता हूँ

अपने अकेले पन मैं मुझे बस एक ही सहारा मिलता है वो मेरे माँ का साया होता है.
शायद मैं उससे मिल पाऊँ